भारतेन्दु विमल दुबे काफी सालो से LGBTQIA+ समुदाय के लिए कुछ करना चाहते थे लेकिन उन्हें किसी भी प्रकार से जरिया नहीं मिल रहा था कि कैसे क्या किया जाए फिर एक ऑनलाइन जागरूकता फैलाने का विचार आया इसीलिए बाकायदा हर प्लेटफार्म पर सतरंगी सलाम की आईडी बनाई गई और फिर वीडियो, फोटो, आर्टिकल आदि माध्यम से लैंगिक समानता के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया गया लेकिन LGBTQIA+ समुदाय के लोग भी रोड, स्कूल, अस्पताल आदि का इस्तेमाल करते है इसीलिए जो मुद्दे जनसाधारण के है, वो सब मुद्दे LGBTQIA+ समुदाय के भी है इसीलिए सभी मुद्दों को एक साथ ले करके चलना आवश्यक है । सतरंगी सलाम ने विभिन्न संगठनों व व्यक्तियों के साथ मिल करके जमीनी स्तर पर भी विभिन्न प्रकार के कार्य किया । बहुत अड़चनों का भी सामना करना पड़ा, तरह तरह की परेशानियों को झेलना पड़ा । टीम में भी विवाद हुआ फिर मई 2024 में प्रयाग क्वीयर प्राइड की स्थापना करने का विचार आया और फिर आखिरकार तमाम लोगो के सुझाव व सहयोग से जुलाई में संस्था के पंजीकरण की चर्चा शुरू हुई और अगस्त 2024 में सतरंगी सलाम भारतीय ट्रस्ट अधिनियम के तहत एक पंजीकृत संस्था बन गई । जो किसी शहर में नहीं हो सका, वो प्रयागराज में हुआ; हम लोगो की संस्था पंजीकृत हो गई इसीलिए प्रयागराज ही इस संस्था का मुख्यालय होगा । अभी बहुत संघर्ष बाकी है, अनेको समस्याओं का सामना करना पड़ता है लेकिन सतरंगी सलाम मजबूती के साथ लगा हुआ है और सम्पूर्ण मानव कल्याण के उद्देश्य से सतरंगी सलाम बिना किसी लालच, अहंकार व फायदे के विभिन्न संगठनों व व्यक्तियों के सहयोग से निरंतर अग्रसर है । सतरंगी सलाम हमेशा आबाद रहेगा ।
ट्रस्ट का अंग्रेजी नाम All India Satrangi Salaam Association होगा, जिसे संक्षिप्त में Satrangi Salaam या AISSA भी कहा जा सकेगा।
इस ट्रस्ट को हिंदी में अखिल भारतीय सतरंगी सलाम संगठन कहा जाएगा, जिसे संक्षिप्त में सतरंगी सलाम भी का जा सकेगा ।
अखिल भारतीय सतरंगी सलाम संगठन भारतीय ट्रस्ट अधिनियम के तहत एक पंजीकृत ट्रस्ट है, जिसका कार्य क्षेत्र सम्पूर्ण भारत वर्ष है और मुख्यालय - 915 शाहपुर उर्फ़ पीपलगाँव, झलवा, सदर, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश है ।
नियमों के अधीन सतरंगी सलाम के समय - समय पर और भी कार्यालय खोले जा सकेंगे ।
सभी पदाधिकारियों के निवास स्थान भी एक प्रकार से कार्यालय का ही कार्य करते है क्योंकि वहाँ से भी NGO के उद्देश्यों पर कार्य जारी रहते है ।
सतरंगी सलाम भारतीय ट्रस्ट अधिनियम के तहत पंजीकृत एक न्यास है अर्थात इसका अपना एक ट्रस्ट डीड तो होगा ही ।
अतः यह संस्था ट्रस्ट डीड (संस्था के संविधान) के द्वारा निर्धारित नियमों व उपनियमों के तहत चलती है ।
कुछ भी संस्था के संविधान के और भारतीय ट्रस्ट अधिनियम के नियमों के विरुद्ध नहीं किया जा सकता है ।
संस्था की सर्वोच्च इकाई न्यासियों का परिषद (बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज) है, जिसके अध्यक्ष मुख्य ट्रस्टी होंगे । यह इकाई ट्रस्टियों के मामले में सर्वश्रेष्ठ होगी और संस्था की सर्वोच्च नीतिनिर्धारक होगी, जिसमें बाकी सभाओं की राय व स्वीकृति लेनी आवश्यक होगी ।
इसके अलावा डीड के तहत बनाये गए विभिन्न स्तर की सभाएं और कमेटियां होंगी; राज्य, मण्डल, जिला आदि स्तर के कमेटियां होगी।
जो निधार्रित नियमो के अनुसार कार्य करेंगी ।
संस्था में विभिन्न स्तर के पदाधिकारी व सदस्य होंगे
अखिल भारतीय सतरंगी सलाम संगठन एक ऐसी संस्था है जो किसी मे भी भेदभाव नहीं करती है और सभी मुद्दों को साथ ले करके काम करती है क्योंकि सभी विषय एक दूसरे से जुड़े हुए है और संपूर्ण मानव कल्याण एकमात्र लक्ष्य है । सतरंगी सलाम का अर्थ होता है कि सभी रंगों को सलाम, हर किसी को सलाम । जैसे इंद्रधनुष में सभी रंग एक बराबर होते है, वैसे ही महिला - पुरूष - ट्रांसजेंडर सभी एक समान है; किसी मे भी किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए ।
जिस दिन भारत इंद्रधनुष बन जाएगा, उस दिन सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी इंद्रधनुष में सभी रंग एक बराबर होते है, कोई कम या अधिक नहीं …
ऐसे भारत में भी सभी जाति धर्म / लिंग आदि को एक बराबर मौका मिलना चाहिए, केवल कागज में नहीं वास्तविकता में।
सतरंगी सलाम भारत को इंद्रधनुष बनाना चाहता है अर्थात हम भारत को Discrimination मुक्त बनाना चाहते है । हम चाहते है कि भारत में किसी भी स्तर पर जाति धर्म, लिंग, काला – गोरा आदि किसी भी प्रकार का भेदभाव ना हो !
इंद्रधनुष का तात्पर्य है कि किसी भी रंग में भेदभाव ना हो, कोई भी रंग किसी दूसरे रंग के हक को ना मार पाए ।
सतरंगी सलाम कुछ बिल्कुल अनछुए पहलुओं पर भी काम करती है, जैसे कि- LGBTQIA+ समुदाय के अधिकारों के लिए, ट्रांस समुदाय के हक के लिए और रेप जैसे जघन्य अपराधों को लिंग के आधार पर ना देखा जाए । सेक्स एडुकेशन को अनिवार्य किया जाए, जिससे लोग पोर्न को असली सेक्स शिक्षा ना समझे और रेप जैसे अपराध कम हो ।
किसी के भी साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव ना हो और सभी को अपना विकास करने का मौका मिले ।
सतरंगी सलाम स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, लैंगिक समानता व सम्पूर्ण मानव कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है .. हम समस्याओं के स्तर को देखते है और फिर उस हिसाब से निवारण खोजते है । अब अगर किसी जरूरतमंद को कपड़े की आवश्यकता है तो हम उसे समानता का ज्ञान ना दे करके, पहले तन ढकने के लिए कपड़े उपलब्ध करवाएंगे ।