नन्ही सोच फाउंडेशन (Nanhi Soch Foundation) के द्वारा सतरंगी सलाम (ट्रस्ट) के सहयोग से एक सवाल जवाब प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों से LGBTQI+ समुदाय से जुड़े विभिन्न सवाल किए गए । प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों ने समुदाय के इतिहास, चुनौतियों, मांगो आदि से जुड़े सवालों के जवाब दिये। बिजली देवी व Abby का इस आयोजन में विशेष योगदान रहा । प्रयाग क्वीयर प्राइड, सतरंगी सलाम (ट्रस्ट) व नन्ही सोच फाउंडेशन आगे भी ऐसे ढेरो आयोजन करते रहेंगे; जिससे हम अपने व्यापक उद्देश्य -सबके जीने योग्य समाज निर्माण में कामयाब हो सकेंगे ।
महत्वपूर्ण बैठक आयोजित किया गया - जिसमे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा किया गया । 03 जून को प्रयाग क्वीयर प्राइड का स्थापना दिवस है । 16 जून 2024 को कंपनी गार्डन में पहली बार प्रयागराज में LGBTQIA+ समुदाय के लिए मनोरंजन, ज्ञान व खान पान से भरपूर कार्यक्रम किया गया था; जिसमें 70 से अधिक लोग शामिल हुए थे और तमाम लोग पहली बार Sexuality And Gender Acceptance के विषय में जाने थे । 22 जुलाई को सतरंगी सलाम (ट्रस्ट) का स्थापना दिवस है । यह बैठक वरिष्ठ उपाध्यक्ष व कार्यकाल प्रमुख संगम सोनकर के नेतृत्व में हुआ । भारतेन्दु विमल दुबे, अमन श्रीवास, संजय केशरवानी, शिवम दास, अभय विश्वकर्मा, रितेश कुमार, प्रदीप यादव, विवेक केशरवानी, आदित्य सिंह यादव, कशिश आदि लोग उपस्थित रहें । सतरंगी सलाम (ट्रस्ट) के फ्री सदस्यता स्कीम की घोषणा की गई । सतरंगी सलाम (ट्रस्ट) सभी नागरिकों को प्राइड मंथ की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता है और समाज में लैंगिक न्याय, समानता और गरिमा आधारित संवाद को सशक्त बनाने हेतु प्रतिबद्ध है ।
22 जुलाई 2025 को हमारा पहला वर्षगांठ है ।
AISSA ने संगठन की संरचना में बदलाव कर समितियों का पुनर्गठन किया।
पदोन्नति, पदावनति और जिम्मेदारियों का पुनः वितरण किया गया।
ट्रस्ट के बैंक खाता संचालन हेतु KYC और हस्ताक्षरकर्ता प्रस्ताव पारित किए गए।
'राहत', 'स्पेक्ट्रम ऑफ होप', 'इग्नाइट चेंज' जैसे अभियानों को आधिकारिक मान्यता दी गई।
भाषा नीति में बदलाव कर निष्पक्ष, समावेशी और मानवीय संवाद सुनिश्चित किया गया।
महासभा की दोमाही बैठकें अनिवार्य की गईं; रिपोर्टिंग सिस्टम को मजबूती दी गई।
सभी बैठकों और निर्णयों का डिजिटल व भौतिक अभिलेखन अनिवार्य किया गया।
नए सदस्य व क्षेत्रीय प्रतिनिधि केवल नाम भर नहीं, सक्रिय भागीदार होंगे।
शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण में दीर्घकालिक योजना तय की गई।
प्रस्तावों से पारदर्शिता, जवाबदेही और सामाजिक प्रतिबद्धता को नई दिशा मिली।
सतरंगी सलाम के द्वारा पुनः कपड़ा दान अभियान संचालित किया गया और साथ ही एचआईवी व स्वच्छता जागरूकता अभियान संचालित किया गया --
जैसा आप सभी को ज्ञात है कि अखिल भारतीय सतरंगी सलाम संगठन निरंतर कपड़ा दान अभियान संचालित करता रहता है और लोगो को बुनियादी सुविधाएं मिलते रहे इसके लिए निरंतर प्रयास करता है क्योंकि अगर किसी के पास खाने के लिए नहीं है, पहनने के लिए नहीं है तो हम उन्हें बड़ी बड़ी बौद्धिक बातें नहीं बता सकते है ।
हम लैंगिक समानता, समानता, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, मानवाधिकार जैसे तमाम मुद्दों पर काम करते है लेकिन इन सबको प्राप्त करने के लिए बुनियादी सुविधाएं रोटी, कपड़ा व मकान होनी चाहिए लेकिन अफसोस आज भी बहुतों के पास बुनियादी सुविधाएं भी नहीं है ।
दिनांक 11 मई 2025, रविवार को सतरंगी सलाम (AISSA) ने बोट क्लब (नैनी पुरानी पुल), प्रयागराज के पास कपड़ा डोनेशन "राहत - एक कपड़ा, एक मुस्कान" संचालित किया ।
साथ ही सभी को स्वच्छता के विषय में भी जानकारी दिया गया, लोग खुले में शौच ना करें और कूड़ेदान का सही उपयोग करें ।
साथ ही सभी को सुरक्षित सेक्स के विषय में जानकारी देने की कोशिश किया गया लेकिन हम उसमे कामयाब नहीं हो सके ।
हम अपने सतरंगी पहल "रंग ए रहमत" (करुणा का रंग / A Colour Of Compassion) के माध्यम से बहुयामी मुद्दों पर काम करते रहेंगे ।
सभी विषय एक दूसरे से जुड़े हुए है । इस अवसर पर भारतेन्दु विमल दुबे, संगम सोनकर, शिवम दास, आदित्य सिंह यादव, सिद्धांत सिंह, प्रदीप कुमार यादव, नितिन शुक्ला, अभिषेक कुमार आदि लोग उपस्थित रहें । इस अवसर पर संस्था का मीटिंग भी हुआ, जिसमें ढेरों प्रस्तावों पर मुहर लगें ।
ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण और पर्यावरण संकट अब चेतावनी नहीं, चुनौती बन चुके हैं।
आप क्या कर सकते हैं?
एक पेड़ लगाइए या पक्षियों को पानी-दाना दीजिए -
प्लास्टिक का बहिष्कार कीजिए -
पर्यावरण के लिए कोई काम करते हुए वीडियो और GPS फोटो बनाइए -
सोशल मीडिया पर पोस्ट करें, Satrangi Salaam को टैग व कोलैब करें -
3 महीने तक कार्य की प्रगति दिखाएं – पुरस्कार और सर्टिफिकेट पाएं -
सिर्फ पेड़ नहीं, भविष्य रोपिए –
बिजली और पानी बचाकर, कचरा प्रबंधन कर के, और जैव विविधता की रक्षा करके।
प्रेरणा बनें – बदलाव लाएं!
आपका एक छोटा कदम – धरती के लिए बड़ा योगदान।
पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है।
तो आइए, आज ही जुड़ें और प्रकृति के सच्चे प्रहरी बनें!
दिनांक 31 मार्च 2025 को अंतर्राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर दृष्टया दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय सतरंगी सलाम संगठन व समर्पित ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में प्रयाग क्वीयर प्राइड के बैनर के तहत पहली बार संयुक्त एलजीबीटी प्लस प्राइड परेड का आयोजन किया गया ।
प्राइड परेड के उपरांत स्टेज शो का भी आयोजन किया गया, जिसमें समुदाय के व्यक्तियों ने अपना प्रतिभा दिखाया । इस दौरान समुदाय के कई लोगो को उनके कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया । इसको आयोजित करने में अखिल भारतीय सतरंगी सलाम संगठन के सदस्यों ने काफी मेहनत किया ।साथ ही रात में मनोरंजन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया ।
16 जून को PQP का पहला मीटिंग व Potluck Event का आयोजन कंपनी गार्डन में हुआ, जिसमें हम सभी लोगो ने
Gender Equality, LGBTQ+ Rights व अन्य Human Rights के मुद्दों पर विचार विमर्श किया !
इस मीटिंग इवेंट में LGBTQ+ Individuals के साथ साथ Hetero, Supporters, Allies भी उपस्थित रहें !
पहले मीटिंग इवेंट में ही 70 + लोगो का आना इलाहाबाद के उत्साह व उमंग को दर्शाता है ।
यहाँ हम सभी को बहुत कुछ जानने व समझने को मिला, साथ ही हम सब ने यहाँ Fun Activities भी किये !
ये तो बस शुरुआत है, हम आगे भी ऐसे ढेरों इवेंट, वर्कशॉप आदि करते रहेंगे .. जिसकी सूचना आपको PQP
के Social Media Sites के द्वारा प्राप्त होती रहेगी !
हमे हर प्रकार के Sexuality व Gender को स्वीकार करना चाहिए और इनके आधार पर होने वाले भेदभावों व
बाकी चीजों को खत्म करना चाहिए ।
विभिन्न प्रकार के मुद्दों को एक साथ जोड़ करके चलने से ही समस्याओं का अंत होगा और समाधान मिलेगा ।
जाति, धर्म, लिंग, रंग आदि के आधार पर होने वाले भेदभावों का अंत होना चाहिए ।
25 अगस्त रविवार को 4 PM बजे से All India Satrangi Salaam Association का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन
हुआ, जिसमें संस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श हुआ ।
सतरंगी सलाम हर कीमत पर अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए समर्पित रहेगा ।
ना मतलब ना होता है, आखिर इतनी छोटी सी बात किसी को समझ क्यो नहीं आता है ?
रेप जैसे अपराधों को भी लिंग, जाति, धर्म, Sexual Orientation के आधार पर नहीं देखना चाहिए ।
हर हाल में रेप जैसे घिनौने अपराध बंद होने चाहिए ।
06 सितंबर 2018 को IPC धारा 377 को आंशिक रूप से हटा दिया गया था, जिससे कि समलैंगिकों को आंशिक रूप
से आजादी मिली थी इसीलिए 06 सितंबर LGBTQIA+ Community के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है
इसी क्रम में हमने Interactive Potluck Session का आयोजन करके 06 सितंबर के आंशिक आजादी का उत्सव मनाया ।
जब तक हम खुद को नहीं खोजते है और खुद को नहीं स्वीकारते है, तब तक हम किसी और से उमीद कैसे लगा सकते है ?
अधिकारियों व सरकार का कुछ अनछुए पहलुओं पर ध्यान आकर्षित करने में यह वर्कशॉप बहुत ही सफल रहा ।
इसमे विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया था ।